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अमरकंटक-प्राकृतिक सुंदरता ओढ़े हुए हिल स्टेशन

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सर्वोदय जैन मंदिर

सर्दियों के मौसम में यदि आप प्रकृति के करीब जाना चाहते हैं तो अमरकंटक इसका अच्छा विकल्प है। नर्मदा नदी, सोन नदी का उदगम स्थल अमरकंटक में स्थित है। अमरकंटक मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित है। अमरकंटक अपने आप में दर्शनीय है| इसके लिए रास्ता अचानकमार के जंगलों से होकर जाता है, जो कि एक यूनेस्को के द्वारा बायोस्फीयर रिजर्व है।

अमरकंटक

 

अमरकंटक के जंगल, मनमोहक झरने, ऊंची पहाड़ियां आपका मन मोह लेती हैं। यहां आपको कई ऐसे पौधें मिलेंगे जिनका उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। यहां बहने वाली नर्मदा नदी का हिंदुओ के लिए विशेष महत्व है। ऐसा प्रचलित है कि नर्मदा , भगवान शिव की पुत्री है औऱ उन्हें हिन्दू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है। इसके लिए आपको नर्मदा माता के कई मंदिर मिल जाएंगे, जहाँ कई हजार दर्शनार्थी उनके दर्शन को पहुँचते हैं।

अमरकंटक में आपको कई दर्शनीय स्थल है। यदि आप अमरकंटक जाएं तो इन जगहों पर जरूर भ्रमण करें।

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नर्मदा उद्धगम:

नर्मदा उद्धगम

‌यहां नर्मदा का उद्धगम स्थल है, जहां नर्मदा माता का मंदिर है। हिन्दू धर्म में नर्मदा नदी को बहुत ही पवित्र माना गया है, इसलिए इनके दर्शन मात्र को हजारों दर्शनाथी रोज पहुँचते हैं। सर्दियों में यहां पहुँचने वाले की संख्या बहुत ज्यादा हो जाती है क्योंकि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य बरबस लोगों  आकर्षित करता है।

कपिल धारा

कपिल धारा

 

यह स्थान सर्दियों में परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। यहाँ  प्रसिद्ध झरना है जो लगभग 100 फ़ीट की ऊँचाई से गिरता है। जो देखने में बहुत अद्भुत प्रतीत होता है। ऐसा कहा जाता है कि यहां ऋषि कपिल रहा करते थे। उनके नाम पर ही इस जगह का नाम कपिल धारा पड़ा।

दूध धारा

दूध धारा

कपिल धारा से कुछ ही दूरी में आपको देखने योग्य जल प्रपात मिल जाएगा। ऊँचाई से गिरती हुई पानी की धारा दूध के भांति प्रतीत होती है, इसलिए इसका नाम दूध धारा प्रचलित हो गया। ऐसा कहा जाता है कि यहां दुर्वासा ऋषि ने तपस्या की थी। कपिल धारा से थोड़ी दूर पहाड़ी रास्ते पर ट्रैकिंग करने पर इस स्थान पर पहुंचा जा सकता है।

माई की बगिया

माई की बगिया

यह बगियाँ में आपको कई तरह के पेड़ जैसे आम और केले के  और कई तरह के फूलों के पौधे मिल जाएंगे,  जो बरबस अपनी ओर आपका ध्यान खींचने के लिए काफी है। यहां कई सुंदर फूलों के भी पौधे मिलेंगे जो आपका मनमोह लेंगे। यहां कई ऐसे पौधे मिलेंगे जिनका उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है, इनमें से एक पौधे का नाम गुलबकावली है, जो मुख्य रूप से नेत्र रोगियों के लिए वरदान है, यही पाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि माता नर्मदा अपनी सहेलियों के साथ यही खेला करती थी। जिनमें से उनकी एक सहेली का नाम गुलबकावली था।

सोनमुडा

सोनमुडा

सोन नदी का उद्गम स्थान सोनमुड़ा नाम से प्रचलित है। यहां सोन नदी 100 फ़ीट के ऊंचाई से गिरती हुई दिखाई देती है। यह दृश्य आपको बरबस अपनी ओर खींचने में सफल होगा। आपकी आंखें इस दृश्य से नही हटेंगी।

सर्वोदय जैन मंदिर

सर्वोदय जैन मंदिर

यह मंदिर अपनी विशेष वास्तुकला के लिए जाना जाता है। इस मंदिर के निर्माण में लोहे औऱ सीमेंट का उपयोग नही किया गया है। इसके निर्माण के लिए गुड़, चना और राजस्थान के पत्थरों का उपयोग किया गया है। यहाँ विराजित प्रतिमा अपने आप में अनुपम है, जिसका वजन 52 टन है।

कैसे पहुँचे

अमरकंटक पहुँचना बहुत ही आसान है। यदि आप सड़क मार्ग से आते हैं तो अमरकंटक मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़ के कई शहरों से जुड़ा हुआ है। यदि आप ट्रेन से यहां पहुँचना चाहते हैं तो अनूपपुर और पेंड्रा रोड दो ऐसे स्टेशन हैं जहां से अमरकंटक पास है। यहां पहुँचने के बाद आपको सड़क मार्ग से यात्रा करनी होगी। यदि वायु मार्ग से आप यहां पहुँचना चाहते हैं तो जबलपुर निकटतम हवाई अड्डा है, इसके बाद आपको ट्रेन या सड़क मार्ग का विकल्प चुनना होगा।

कब जायें

अमरकंटक जाने का सबसे उचित समय सितंबर से फरवरी तक का होता है क्योंकि इस समय प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है। यहां के झरने पानी से लबालब होते हैं। अमरकंटक कभी भी गर्मियों में नही जाए, क्योंकि इस समय झरनों में पानी नही होता है और हरियाली में कमी के कारण आप इस ट्रिप का आनंद नही ले पायेंगे।

 

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